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Haridwar Til Tarpan Puja

हरिद्वार तिल तर्पण पूजा

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    Link of Recorded Video or Live Streaming of Pitru Tarpan Puja in Haridwar will be sent to you

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    Head of Family Name and Gotra with the Names of Pitra or Ancestors will be chanted during the Puja Sankalp. You can choose Puja date according to your Pitru Shradh Tithi.

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    During Shraddh, you can choose to offer Gauseva in your ancestor's name.

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    You can also choose to offer Bhojan and Dakshina to a Brahman in Haridwar during Shraddh

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    You can also choose to offer Vastra to a Brahman in Haridwar during Shraddh

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    हरिद्वार में पितृ तर्पण पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जाएगा

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    हरिद्वार में पूजा संकल्प के समय, परिवार के मुखिया के साथ पितृ के नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा आप अपने पितृों की श्राद्ध तिथि के अनुसार पूजा की तारीख तय कर सकते हैं।

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    आप श्राद्ध में पितृों के निमित्त गौसेवा भी कर सकते है

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    आप श्राद्ध के समय, हरिद्वार में ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा भेंट अर्पण करने का भी चयन कर सकते हैं

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    आप श्राद्ध के समय, हरिद्वार में ब्राह्मण को वस्त्र भेंट करने का भी चयन कर सकते है

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Haridwar Til Tarpan Puja + Gauseva

हरिद्वार तिल तर्पण पूजा + गौसेवा

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    Link of Recorded Video or Live Streaming of Pitru Tarpan Puja in Haridwar will be sent to you

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    Head of Family Name and Gotra with the Names of Pitra or Ancestors will be chanted during the Puja Sankalp. You can choose Puja date according to your Pitru Shradh Tithi.

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    Fodder and water will be offered to the cows in your Ancestor's name during Shraddh

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    You can also choose to offer Bhojan and Dakshina to a Brahman in Haridwar during Shraddh

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    You can also choose to offer Vastra to a Brahman in Haridwar during Shraddh

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    हरिद्वार में पितृ तर्पण पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जाएगा।

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    पूजा संकल्प के समय, परिवार के मुखिया के साथ पितृ के नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा। आप अपने पितृों की श्राद्ध तिथि के अनुसार पूजा की तारीख तय कर सकते हैं।

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    आपकी ओर से श्राद्ध में पितृों के निमित्त गोशाला में गायों के लिए चारे और पानी की व्यवस्था की जाएगी

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    आप हरिद्वार में ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा भेंट अर्पण करने का भी चयन कर सकते हैं

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    आप हरिद्वार में ब्राह्मण को वस्त्र भेंट करने का भी चयन कर सकते हैं

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Haridwar Til Tarpan Puja + Gauseva + Brahman Bhojan

हरिद्वार तिल तर्पण पूजा + गौसेवा + ब्राह्मण भोजन

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    Head of Family Name and Gotra with the Names of Pitra or Ancestors will be chanted during the Puja Sankalp. You can choose Puja date according to your Pitru Shradh Tithi.

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    Fodder and water will be offered to the cows in your name for Ancestors during Shraddh

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    Bhojan and Dakshina will be offered to Brahman in your name in Haridwar during Shraddh Puja and the video for the same will be shared with you

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    You can also choose to offer Vastra to a Brahman in Haridwar during Shraddh

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    हरिद्वार में पितृ तर्पण पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जाएगा।

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    पूजा संकल्प के समय, परिवार के मुखिया के साथ पितृ के नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा । आप अपने पितृों की श्राद्ध तिथि के अनुसार पूजा की तारीख तय कर सकते हैं।

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    आपकी ओर से श्राद्ध पर्व में पितृों के निमित्त गोशाला में गायों के लिए चारे और पानी की व्यवस्था की जाएगी

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    आपकी ओर से श्राद्ध में हरिद्वार में ब्राह्मण को भोजन करवाया जाएगा

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    आप हरिद्वार में ब्राह्मण को वस्त्र भेंट करने का भी चयन कर सकते हैं

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Saturday, 27 August, 2022

Shani Amavasya Pitru Dosh Nivaran and Tarpan Puja

शनिवार, 27 अगस्त 2022

शनि अमावस्या पितृ दोष निवारण और तर्पण पूजा

Thursday, 28 July, 2022

Pitra Dosha Nivaran Puja and Ganga Aarti

गुरुवार, 28 जुलाई 2022

सावन अमावस्या पितृ दोष निवारण गंगा आरती

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Started by IIT graduates, DevDarshan is Devotional Platform for 5000+ Hindu Temples in the Indian Subcontinent. DevDarshan’s long term vision is to provide a digital platform to Temples and Gurus for sharing the millennia-old teachings of Indian culture in the world and by doing so, projecting Bharat (India) as Vishwa Guru (Universal Leader) through its rich cultural and spiritual heritage.


DevDarshan facilitates online Daily Darshan, Pujas and Digital Donations for Devotees. DevDarshan has onboarded 150+ Temples across 16 states including but not limited to Jyotirlinga Ghushmeshwar Nath Temple (Pratapgarh), Jyotirlinga Mamleshwar (Omkareshwar), Kaal Bhairav Mandir (Ujjain), Chintaman Ganesh Mandir (Ujjain), Tapkeshwar Mandir (Dehradun), Pashupati Nath Mandir (Haridwar), Shaktipeeth Chamunda Devi (Kangra), Shaktipeeth Maa Bajreshwari Devi (Kangra), Shaktipeeth Maa Baglamukhi Mandir (Kangra), Shaktipeeth Maa Vindyavasini Mandir (Mirzapur), Shaktipeeth Maa Harsiddhi Mandir (Ujjain), Shaktipeeth Maa Gadkalika Mandir (Ujjain), Bijasan Mata Mandir (Indore), Kalkaji Mandir (Delhi), Durgiana Mandir (Amritsar), Maa Mundeshwari Temple (Bihar), Vrindavan Chandrodaya Temple, Badi Kali ji Mandir (Lucknow), Nagvasuki Mandir (Prayagraj), ISKCON (Vrindavan), ISKCON (Ghaziabad), ISKCON (Srinagar).


You can find more details about DevDarshan and our team.

IIT स्नातकों द्वारा आरम्भ किया गया,देवदर्शन, भारत के 5000+ हिंदू मंदिरों के लिए आध्यतमिक मंच है। देवदर्शन का दृष्टिकोण हिंदू मंदिरों और गुरुओं को एक डिजिटल मंच प्रदान करना जहाँ वे भारत की आध्यात्मिक शिक्षा एवं हिंदू जीवन शैली का प्रसार कर सके और पूरे विश्व को विश्वगुरु भारत की महान संस्कृति व विरासत का ज्ञान दे सके। देवदर्शन पर मंदिर दर्शन, पूजा बुकिंग और डिजिटल दान की सुविधा उपलब्ध है।


देवदर्शन मंच के साथ 16 राज्यों में स्थित 150+ मंदिर जुड़े हुए है: ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर नाथ (प्रतापगढ़), पशुपति महादेव मंदिर (हरिद्वार), ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर (ओंकारेश्वर), काल भैरव मंदिर (उज्जैन), चिंतामन गणेश मंदिर (उज्जैन), टपकेश्वर मंदिर (देहरादून), जगन्नाथ पूरी, शक्तिपीठ चामुंडा देवी (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां बजरेश्वरी देवी (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर (मिर्ज़ापुर) , शक्तिपीठ मां हरसिद्धि मंदिर (उज्जैन), शक्तिपीठ मां गडकलिका मंदिर (उज्जैन), बिजासन माता मंदिर (इंदौर), कालकाजी मंदिर (दिल्ली), माँ मुंडेश्वरी मंदिर (बिहार), वृंदावन चंद्रोदय मंदिर, बडी काली जी मंदिर (लखनऊ), नागवासुकी मंदिर (प्रयागराज) आदिदेवदर्शन और हमारी टीम के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।आप।

Live Streaming or the recorded video of Pitra Tarpan Puja will be available on Shraddha .


Live Streaming or the recorded video of Pitra Dosh Nivaran Puja will be available on DevDarshan App , which you can download on your Android Smartphone. Live Streaming will also be available on DevDarshan YouTube Channel and DevDarshan Facebook page. More details will be shared with you via whatsapp and email once you register for the Puja.


Your Name and Gotra with the names of Pitra will be chanted during the Puja in Haridwar so that the souls of your ancestors can attain peace and you can receive their blessings.

श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा घाट में पितृ तर्पण पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकॉर्डेड वीडियो देख सकते हैं।


पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकार्डेड वीडियो देवदर्शन ऐप में उपलब्ध होगी, जिसे आप इस लिंक के माध्यम से अपने एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन पर डाउनलोड कर सकते हैं।


पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकॉर्डेड वीडियो देवदर्शन यूट्यूब चैनल और देवदर्शन फेसबुक पेज पर भी उपलब्ध होगी। पूजा के लिए पंजीकरण करने के पश्चात, और अधिक जानकारी व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से आपके साथ साझा की जाएगी।


आपका नाम और गोत्र एवं आपके पितरो का नाम एवं गोत्र पूजा में संकल्प के दौरान लिया जाएगा ताकि आपके पूर्वजों की आत्मा को शांति मिले और आप उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।


You can do this Puja on the day of Shraddh Tithi of your ancestors. Suppose you want to perform Shradh for your ancestor whose Tithi is on Chaturthi, then you can do this Til Tarpan Puja on the day of Chaturthi. In addition to this, you can also perform Shradh of all your ancestors, known and unknown, on Sarva Pitru Moksha Amavasya.


आप यह पूजा अपने पितृ के श्राद्ध की तिथि के दिन कर सकते हैं। मान लीजिए आपके पितृ जिसका आप श्राद्ध करना चाह रहे हैं, उनकी तिथि चतुर्थी है, तो आप चतुर्थी के दिन यह पूजा कर सकते हैं। इसके अलावा अपने सभी पितृों ज्ञात और अज्ञात का श्राद्ध आप सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर कर सकते हैं। एक तिथि पर यदि दो पितृों का श्राद्ध है, तो आप दोनों के लिए अलग पूजा बुक करें।


First, book any package from the given packages on the puja page. Following this, you will receive a Google form from our end. Fill up this Google form giving details regarding your forefathers Name (for whose peace and liberation you want to perform this puja), your name or your family head’s name and Gotra.

Along with this, you will also find a list of different Tithis of Shradh in the form.

From the list, select your Pitru’s Shradh Tithi and click on the submit button.

On the selected tithi, Tarpan and Gauseva puja will be performed in your name.



आप सबसे पहले किसी भी एक पैकेज को बुक करें। हमारी ओर से आपको एक गूगल फॉर्म भेजा जाएगा। इस गूगल फॉर्म में आप अपने पितृों के नाम (जिसकी शांति की पूजा करवाना चाह रहे हैं) के साथ अपना या परिवार के मुखिया का नाम और गोत्र की जानकारी भर सकते हैं।

साथ ही आपको वहां श्राद्ध की अलग-अलग तिथियों की सूची दी हुई होगी। उस सूची के अनुसार आप अपने पितृों की श्राद्ध तिथि को चयन करके फॉर्म को लौटा सकते हैं। इससे उस तिथि के लिए आपकी ओर से तर्पण और गौ सेवा पूजा की जाएगी।

Worshipping a cow has special significance in Hinduism. It is said that the devotees who serve the cow in addition to their parents, God is never disappointed with them and their houses are filled with happiness. Also by doing gauseva, one gets freedom from Pitra Dosh. Offering fodder along with drinking water to the cows during Shradh gives the same benefits as the benefits of performing Pitru Tarpan. Ancestors are pleased and gives blessings of ultimate happiness on such Devotees. As the cow is the abode of all the pilgrimages, by doing gauseva, devotees can get benefits equal to the benefits gained by worshipping all the pilgrimages.

गौ पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। कहा जाता है कि माता-पिता के अलावा जो व्यक्ति गौ सेवा करता है, उससे भगवान कभी निराश नहीं होते हैं और उसका घर खुशियों से भर देते हैं। गौसेवा करने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। श्राद्ध में गाय के लिए पीने के पानी की व्यवस्था के साथ चारे की व्यवस्था करने से पितृ तर्पण जितना लाभ मिलता है। ऐसे व्यक्ति पर पितृ प्रसन्न होते हैं और उसे संपूर्ण खुशियां प्राप्त होने का आशीर्वाद देते हैं। गाय में सभी तीर्थों का वास है, ऐसे में गौसेवा करने से सभी तीर्थ की पूजा का फल आपको प्राप्त होता है।


Pitra Sukta Path is recited for the happiness and salvation of the ancestors. This is a very miraculous hymn. Devotees who are going through some stress and tension in life, who have frequent quarrels in the house, are constantly troubled by the worries related to children, such Devotees need to get blessings of their ancestors. Hence, in such a situation, getting Pitru Sukta recited during Shraddh is highly beneficial and fruitful. In Skanda Purana , the description of Pitru Sukta is found during Pitru Puja. This gives all the desired benefits in life.

 

पितृों की प्रसन्नता और उनके मोक्ष प्राप्ति के लिए पितृ सुक्त का पाठ किया जाता है। यह अत्यधिक चमत्कारी स्तोत्र है। जो व्यक्ति जीवन में किसी तनाव से गुजर रहे हों, जिनके घर में बार-बार झगड़ा होता हो, संतान संबंधी चिंता जिन्हें लगातार परेशान कर रही हों, ऐसे व्यक्ति को पितृों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। ऐसे में श्राद्ध में पितृ सुक्त का पाठ करवाना श्रेष्ठ फलदायक रहता है। स्कंद पुराण में भी पितृ पूजा में पितृ सुक्त के पाठ का वर्णन मिलता है। इससे जीवन में सभी वांछित लाभ प्राप्त होते हैं।

First, a 'Sankalp' is performed by chanting the name and gotra of the main head of the family (preferably male). Then, a Sankalp will be performed by chanting the names of the 12 dead ancestors of the family. In case you don’t remember all of your ancestors’ names, Pandit ji will chant a holy name instead of their names.


Ganesh Pujan and Vishnu Pujan will take place.


A ritual will be performed in which six earthen pots (Kalash) representing six Gods (Brahma, Vishnu, Shiva, Yamraj, Pret and reincarnation of Lord Vishnu) will be worshipped.


This is followed by the performance of 5 types of "Tarpan." Tarpan is performed by taking some Puja Samagri in the palm and then pouring them into a brass plate during which Mantras will be chanted by Pandit ji.


The first one is "Dev Tarpan"in which rice and water will be offered to the Lord. Then "Rishi Tarpan" is done in which barley(oats) and water will be offered to our dead sages. The third one is "Manushya Tarpan" in which barley(oats) and water will be offered to human beings. Then comes the "Yam Tarpan" in which sesame seeds and water will be offered to Yamraj. The final one is "Pitra Tarpan" in which sesame seeds, water, milk, ghee and honey will be offered to our dead ancestors.


This will be followed by the ritual of Pind Daan. There are 16 types of Pind in which 15 of them represent the Gods and the one represents our dead ancestors. The 'Pinds' are prepared from rice flour and Puja will be performed in front of them.


The final ritual is that of donation in which people donate food and clothes to Brahmans in the names of their dead ancestors.


Make sure you chant one of these two mantras while participating in Pitra Dosh Nivaran Puja and Shraddh in Ganga Ghat to pacify the souls of the departed ones


"Om Devatabhyah Pitrabhyah Mahayogibhyeh cha,

Namah swaha swadhyaye cha nityamev namah"


“Om Shreem Sarva Pitra Dosha Nivarana Klesham Han Han Sukh Shanti Om Dehi Phat Swaha”

सबसे पहले, परिवार के मुखिया (अधिमानतः पुरुष) के नाम और गोत्र का उच्चारण करके संकल्प किया जायेगा। फिर परिवार के 12 पितरों के नाम का उच्चारण करके संकल्प किया जाएगा। यदि आपको अपने सभी पूर्वजों के नाम याद नहीं हैं, तो पंडित जी उनके नामों की जगह एक पवित्र नाम का जाप करेंगे।


संकल्प के पश्चात, में क्रमश: गणेश पूजन और विष्णु पूजन होगा।


एक अनुष्ठान किया जाएगा जिसमें छह देवताओं (ब्रह्मा, विष्णु, शिव, यमराज, प्रेत और भगवान विष्णु के अवतार) का प्रतिनिधित्व करने वाले छह कलश की पूजा की जाएगी।


इसके बाद 5 प्रकार के तर्पण होंगे। हथेली में पूजा सामग्री लेकर और फिर उन्हें पीतल की थाली में डालकर तर्पण किया जायेगा, जिसके दौरान पंडित जी द्वारा मंत्रों का जाप किया जाएगा।


सबसे पहले, देव तर्पण होगा जिसमें भगवान को चावल और पानी की भेंट अर्पण की जाएगी। फिर ऋषि तर्पण किया जायेगा जिसमें हमारे मृत ऋषियों को जौ और जल की भेंट अर्पण की जाएगी। इसके पश्चात, मनुष्य तर्पण होगा जिसमें मनुष्य को जौ और जल की भेंट अर्पण की जाएगी। फिर यम तर्पण होगा जिसमें यमराज को तिल और जल की भेंट अर्पण की जाएगी। अंतिम पितृ तर्पण होगा जिसमें हमारे मृत पूर्वजों को तिल, पानी, दूध, घी और शहद की भेंट अर्पण की जाएगी।


इसके पश्चात, पिंडदान का अनुष्ठान होगा। 16 प्रकार के पिंड होंगे जिनमें से 15 देवताओं का प्रतिनिधित्व करेंगे और एक हमारे मृत पूर्वजों का प्रतिनिधित्वकरेगा। पिंड चावल के आटे से तैयार किए जाते हैं और उनके समक्ष पूजा की जाएगी।


अंतिम अनुष्ठान दान का होगा जिसमें लोग अपने मृत पूर्वजों के नाम पर ब्राह्मणों को भोजन और दक्षिणा दान कर सकेंगे।


पितृ दोष निवारण पूजा में भाग लेते समय इन दो मंत्रों का जाप अवश्य करें ताकि दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति मिल सके।


ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।

नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।।


ऊँ श्री सर्व पितृ दोष निवारणाय कलेशम् हं हं सुख शांतिम् देहि फट स्वाहा: |

Brahman Bhojan is a ritual performed for the departed souls of ancestors. Brahman bhoj is done to satisfy the desires of the souls of our ancestors and let them rest in peace. Brahman Bhoj rituals help cleanse all the sins of our forefathers and help their souls to attain moksha. Also, the one who performs this ritual is said to earn good karma and is liberated from bad Karmas of past and present life.

ब्राह्मण भोज पूर्वजों की दिवंगत आत्माओं के लिए किया जाने वाला अनुष्ठान है। ब्राह्मण भोज हमारे पूर्वजों की आत्माओं की अधूरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए किया जाता है। ब्राह्मण भोज हमारे पूर्वजों को उनके पापों से मुक्त करने के लिए किया जाता है और उनकी आत्माओं को मोक्ष प्राप्त करने में मदद करता हैं। साथ ही, जो ये अनुष्ठान करवाता है, उसको पुण्य प्राप्त होता है और अतीत और वर्तमान जीवन के बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है।

In case, you don't know your Gotra, add your caste during the registration process for Puja. In case you don’t know that, add your full name during the registration process. These details would be chanted by Pandit ji during Puja. Feel free to contact us at +919015367944

यदि आपको अपना गोत्र पता नहीं है, पूजा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अपनी जाति लिखे। यदि ,आप यह भी नहीं जानते तो, पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अपना पूरा नाम लिखे। इन विवरणों का पंडित जी द्वारा पूजा के दौरान जाप किया जाएगा। आप हमसे यहाँ पर समपर्क +919015367944 कर सकते है।

DevDarshan has family packages available for Puja. Please contact us at +919015367944 via a call or WhatsApp for the family package.

देवदर्शन में पूजा के लिए पारिवारिक पैकेज उपलब्ध हैं। परिवार पैकेज के लिए कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से +919015367944 संपर्क कर सकते है।

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