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Individual Shakti Peeth Puja

व्यक्तिगत शक्तिपीठ पूजा

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    Link for Recorded Video of Maa Durga Puja in Shaktipeeth

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    Individual’s Name and Gotra will be chanted during the Puja Sankalp

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    You can choose to offer Chola, Chunni, Shringar & Bhog to Maa Durga during Navratri

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    100 grams Panchmeva Prasad will be shipped from Shaktipeeth for Home Delivery in India

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    शक्तिपीठ में दुर्गा पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जायेगा

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    शक्तिपीठ में पूजा संकल्प के समय, व्यक्तिगत नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा

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    आप नवरात्रि में मां को चोला, चुन्नी, श्रृंगार, भोग भेंट अर्पण करने का चयन कर सकते हैं

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    100 ग्राम पंचमेवा प्रसाद आपके घर तक भेजा जायेगा

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Family Shakti Peeth Puja

परिवार शक्तिपीठ पूजा

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    Family Member's (Only 6) Name and Gotra will be chanted during the Puja Sankalp

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    You can choose to offer Chola, Chunni, Shringar & Bhog to Maa Durga during Navratri

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    100 grams Panchmeva Prasad will be shipped from Shaktipeeth for Home Delivery in India

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    शक्तिपीठ में दुर्गा पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जायेगा

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    शक्तिपीठ में पूजा संकल्प के समय, परिवार का नाम (केवल 6 सदस्य) और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा

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    आप नवरात्रि में मां को चोला, चुन्नी, श्रृंगार, भोग भेंट अर्पण करने का चयन कर सकते हैं

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Family Shakti Peeth Puja +

Maa Durga Bhog

परिवार शक्तिपीठ पूजा +

माँ दुर्गा भोग

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    Bhog will be offered to Maa Durga in your name at Shaktipeeth during Navratri

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    You can choose to offer Chola, Chunni and Shringar to Maa Durga during Navratri

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    शक्तिपीठ में दुर्गा पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जायेगा

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    शक्तिपीठ में पूजा संकल्प के समय, परिवार का नाम (केवल 6 सदस्य) और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा

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    आपकी ओर से नवरात्रि महापर्व पर मां को भोग अर्पण किया जाएगा

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    आप नवरात्रि में मां को चोला, चुन्नी, श्रृंगार भेंट अर्पण करने का चयन कर सकते हैं

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    100 ग्राम पंचमेवा प्रसाद आपके घर तक भेजा जायेगा

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Family Shakti Peeth Puja +

Maa Durga Chola, Chunni, Shringar

परिवार शक्तिपीठ पूजा +

मां दुर्गा चोला, चुन्नी, श्रृंगार

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    Family Member's (Only 6) Name and Gotra will be chanted during the Puja Sankalp

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    Chola, Chunni and Shringar will be offered to Maa Durga in you name during Navratri

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    You can choose to offer Bhog to Maa Durga during Navratri

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    100 grams Panchmeva Prasad will be shipped from Shaktipeeth for Home Delivery in India

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    शक्तिपीठ में पूजा संकल्प के समय, परिवार का नाम (केवल 6 सदस्य) और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा

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    आपकी ओर से नवरात्रि महापर्व पर मां चोला, चुन्नी, श्रृंगार अर्पण की जाएगी

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    आप नवरात्रि में मां को भोग अर्पण करने का चयन कर सकते हैं

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    100 ग्राम पंचमेवा प्रसाद आपके घर तक भेजा जायेगा

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Friday, 2 September, 2022

Shaktipeeth Tripura Sundari Lalita Sahasranama Yagya

शुक्रवार, 2 सितंबर 2022

ललिता सप्तमी त्रिपुरासुंदरी यज्ञ, शक्तिपीठ त्रिपुरासुंदरी

Saturday, 30 July, 2022

Navratri Chandi Path and Aarti, Shaktipeeth Maa Harsiddhi Ujjain

शनिवार, 30 जुलाई 2022

विजय प्राप्ति नवचंडी यज्ञ, हरसिद्धि माता उज्जैन

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Started by IIT graduates, DevDarshan is Devotional Platform for 5000+ Hindu Temples in the Indian Subcontinent. DevDarshan’s long term vision is to provide a digital platform to Temples and Gurus for sharing the millennia-old teachings of Indian culture in the world and by doing so, projecting Bharat (India) as Vishwa Guru (Universal Leader) through its rich cultural and spiritual heritage.


DevDarshan facilitates online Daily Darshan, Pujas and Digital Donations for Devotees. DevDarshan has onboarded 150+ Temples across 16 states including but not limited to Shaktipeeth Chamunda Devi (Kangra), Shaktipeeth Maa Bajreshwari Devi (Kangra), Shaktipeeth Maa Baglamukhi Mandir (Kangra), Shaktipeeth Maa Vindyavasini Mandir (Mirzapur), Shaktipeeth Maa Harsiddhi Mandir (Ujjain), Shaktipeeth Maa Gadhkalika Mandir (Ujjain), Shaktipeeth Tripura Sundari (Agartala), Shaktipeeth Kalyani Devi Lalita Peeth (Prayagraj), Shaktipeeth Alopi Devi (Prayagraj), Bijasan Mata Mandir (Indore), Kalkaji Mandir (Delhi), Durgiana Mandir (Amritsar), Maa Mundeshwari Temple (Bihar), Jyotirlinga Ghushmeshwar Nath Temple (Pratapgarh), Jyotirlinga Mamleshwar (Omkareshwar), Kaal Bhairav Mandir (Ujjain), Hanuman Garhi (Ayodhya), Chintaman Ganesh Mandir (Ujjain), Tapkeshwar Mandir (Dehradun), Pashupati Nath Mandir (Haridwar), Vrindavan Chandrodaya Temple, Badi Kali ji Mandir (Lucknow), Nagvasuki Mandir (Prayagraj), ISKCON (Vrindavan), ISKCON (Ghaziabad), ISKCON (Srinagar).


You can find more details about DevDarshan and our team.

IIT स्नातकों द्वारा आरम्भ किया गया,देवदर्शन, भारत के 5000+ हिंदू मंदिरों के लिए आध्यतमिक मंच है। देवदर्शन का दृष्टिकोण हिंदू मंदिरों और गुरुओं को एक डिजिटल मंच प्रदान करना जहाँ वे भारत की आध्यात्मिक शिक्षा एवं हिंदू जीवन शैली का प्रसार कर सके और पूरे विश्व को विश्वगुरु भारत की महान संस्कृति व विरासत का ज्ञान दे सके। देवदर्शन पर मंदिर दर्शन, पूजा बुकिंग और डिजिटल दान की सुविधा उपलब्ध है।

 

देवदर्शन मंच के साथ 16 राज्यों में स्थित 150+ मंदिर जुड़े हुए है: शक्तिपीठ चामुंडा देवी (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां बजरेश्वरी देवी (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर (मिर्ज़ापुर) , शक्तिपीठ मां हरसिद्धि मंदिर (उज्जैन), शक्तिपीठ मागढ़कालिका मंदिर (उज्जैन), शक्तिपीठ त्रिपुरा सुंदरी (अगरतला), शक्तिपीठ कल्याणी देवी ललिता पीठ (प्रयागराज), शक्तिपीठ अलोपी देवी (प्रयागराज), बिजासन माता मंदिर (इंदौर), कालकाजी मंदिर (दिल्ली), माँ मुंडेश्वरी मंदिर (बिहार), ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर नाथ (प्रतापगढ़, पशुपति महादेव मंदिर (हरिद्वार), ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर (ओंकारेश्वर), काल भैरव मंदिर (उज्जैन), चिंतामन गणेश मंदिर (उज्जैन), टपकेश्वर मंदिर (देहरादून), जगन्नाथ पूरी, वृंदावन चंद्रोदय मंदिर, बडी काली जी मंदिर (लखनऊ), नागवासुकी मंदिर (प्रयागराज) आदि।


आप देवदर्शन और हमारी टीम के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।

Live Streaming or the recorded video of Puja will be available for all registered Devotees.


Live Streaming or the recorded video of Puja will be available on DevDarshan App , which you can download on your Android Smartphone. Live Streaming will also be available on DevDarshan YouTube Channel and DevDarshan Facebook page. More details will be shared with you via whatsapp and email once you register for the Puja.


Your Name and Gotra will be chanted during the Puja Sankalp. Please, make a wish in your mind while watching the Digital Puja in Shaktipeeth from your home so that Maa Durga can bestow blessings on you and fulfill that wish.

पंजीकृत श्रद्धालुओं के लिए, पूजा और आरती की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकार्डेड वीडियो उपलब्ध होगी।


पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकार्डेड वीडियो देवदर्शन ऐप में उपलब्ध होगी, जिसे आप इस लिंक के माध्यम से अपने एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन पर डाउनलोड कर सकते हैं।


पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकॉर्डेड वीडियो देवदर्शन यूट्यूब चैनल और देवदर्शन फेसबुक पेज पर भी उपलब्ध होगी। पूजा के लिए पंजीकरण करने के पश्चात, और अधिक जानकारी व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से आपके साथ साझा की जाएगी।


आपका नाम और गोत्र, पूजा में संकल्प के दौरान लिया जाएगा। कृपया, अपने घर से शक्तिपीठ में पूजा को देखते हुए मन में एक इच्छा करें ताकि माँ दुर्गा आप पर और आपके परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाये रखे और उस इच्छा को पूरा कर सकें।

Shakti refers to the Personification of the Divine Feminine Power, who is often regarded as the Great Divine Mother in Hinduism. Goddess Shakti, the Goddess of Power, is believed to be the complete incarnation of the Adi Shakti.


There are 51 Shakti Peethas across the Indian Subcontinent. Puranas state that Maa Sati sacrificed herself in her Father's Yagya after her father Daksha insulted her husband Lord Shiva. This enraged Lord Shiva who opened his third eye and danced a fierce "Tandava Nritya" across the Earth with the body of his beloved Sati in his arms. Gods were afraid that Lord Shiva's anger could destroy the Universe and they sought the assistance of Lord Vishnu who dispatched his all-powerful Sudarshan Chakra to cut Sati’s body into 51 pieces.


Every spot on Earth that received a portion of Maa Sati’s Body and Vastra became a place of worship for Devotees of the Maa Shakti. Each of these spots is honoured as a Shaktipeeth by her devotees, who are also referred as Shaktas.

शक्ति दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतिनिधत्व करती है, जिनका हिंदू धर्म में महान देवी माँ के रूप में भी वर्णन किया गया है। शक्ति को आदि शक्ति का सम्पूर्ण अवतार माना गया है।


भारतीय उपमहाद्वीप में 51 शक्तिपीठ है। पुराणों में कहा गया है कि मां सती ने अपने पिता दक्ष द्वारा अपने पति भगवान शिव का अपमान होने के बाद खुद को अग्नि में भस्म कर दिया था। इससे भगवान शिव क्रोधित हो गए और उन्होंने अपनी तीसरी आंख खोली और अपनी प्रिय सती के शरीर को अपनी बाहों में लेकर पृथ्वी पर तांडव नृत्य करने लगे। देवताओं को डर था कि भगवान का क्रोध ब्रह्मांड को नष्ट कर देगा और उन्होंने भगवान विष्णु की सहायता मांगी । भगवान विष्णु ने सती के भसम हुए शरीर को सुदर्शन चक्र से काट दिया। जिस स्थान पर भसम हुए शरीर के अंग गिरे, उन्हें शक्तिपीठ कहा जाता है ।

Navratri means nine auspicious nights during which the various forms of Maa Durga is worshipped. Navratri festival is celebrated twice a year. The first Navratri starts from Chaitra Krishna Pratipada and is celebrated till Navami. And the second one, the Maha Parva of Shardiya Navratri is celebrated in the month of Ashwin starting from Pratipada of Shukla Paksha till Navami, which usually comes in the month of September or October. In both Navratris, Devotees worship Maa Durga with intense devotion and observe fasting for nine days.


The Shardiya Navratri, which falls in September or October, also holds religious and scientific significance. This Navratri festival is a sign of changing weather. The ancient sages and rishis have started the system of fasting, observing abstinence, and Yagya during Navratri to avoid the effects of any kind of virus in the changing season. Normally, germs and microbes breed and spread after the rain, the Yagya destroys them and purifies the environment. And also, it is the time to worship Maa Shakti that is nature. Devotees who stayed inside the house due to rain can now start their respective work and task again with full fervour. Therefore, Maa Durga’s blessing is seeked, which makes Devotees stronger and creates positive energy in their surroundings. This helps devotees to work with confidence and make progress and gain success.

नवरात्रि का अर्थ है नौ महत्वपूर्ण रात्रि। जिसमें मां शक्ति के विभिन्न रूपों की आराधना की जाती है। नवरात्र का पर्व साल में दो बार मनाया जाता है। पहली नवरात्रि चैत्र कृष्‍ण प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक मनायी जाती है। उसके बाद शारदीय नवरात्रि का महापर्व अश्विन मास में शुक्‍ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होकर नवमी तक मनाया जाता है। जो आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में ही आती है। दोनों ही नवरात्रि में लोग पूरे श्रद्धा भाव से मां दुर्गा की उपासना करते हुए नौ व्रत करते हैं।


सितंबर या अक्टूबर में आने वाली शारदीय नवरात्र का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्‍व भी है। यह नवरात्रि पर्व मौसम बदलने का संकेत हैं। ऋषि-मुनियों ने बदलते मौसम में किसी तरह के वायरस के प्रभाव से बचने के लिए ही नवरात्रि पर व्रत, संयम, नियम और यज्ञ की प्रणाली शुरू की है। बरसात के बाद कीटाणु उत्पन्न हो जाते हैं, यज्ञ उन्हें नष्ट करके वातावरण को पवित्र करता है। यह समय शक्ति यानी प्रकृति की आराधना का है। बरसात के कारण घर में बंद लोग अब पूरी शक्ति से फिर से अपना उद्योग शुरू कर सकते हैं, इसलिए मां दुर्गा के आशीर्वाद की विशेष आवश्यकता होती है। जो व्यक्ति को मजबूत बनाती है और उसके आसपास एक सकारात्मक घेरा बनाती है, जिससे आत्मविश्वास के साथ काम करते हुए व्यक्ति आगे बढ़ता है और लाभ प्राप्त करता है, इसलिए चारों दिशाओं में लाभ प्राप्ति के लिए नवरात्रि में मां की आराधना जरूर करनी चाहिए।

The answers to many questions, such as the worship of Maa Shakti and her war with various Asuras and how to get her blessings can be found in the Durga Saptashati. Maa Durga Saptashati is considered to be as sacred as the four Vedas, and the mythological saga of the wonderful character of Maa Durga has been depicted in this text. Composed by Markandeya Rishi, this Path has 700 verses in 13 chapters, in which the powerful character, strength and love of the Maa Durga have been described.


In three parts, the three characters of Goddess are described by the names of Maha Kali, Maha Lakshmi and Maha Saraswati. By adhering to ancient norms and rules, reciting Shri Durga Saptashati or being read by a qualified Acharya or Pandit, Maa Durga removes even the most severe troubles and struggles of her Devotees. Shri Durga Saptashati path is very significant and fruitful. Its recitation during Navratri fulfills all your wishes. Brahmadev has also said that the Devotees who recite Durga Saptashati path will enjoy ultimate happiness and victory over enemies.

मां शक्ति की आराधना और विभिन्न असुरों के साथ उनके युद्ध और उनकी कृपा कैसे प्राप्त करना है, जैसी बातों का उत्तर दुर्गासप्तशती पाठ में मिल जाता है। श्री दुर्गा सप्तशती चार वेदों की तरह ही पवित्र मानी गई है, जिसमें माँ दुर्गा के अद्भुत चरित्र की गाथा कही गई है। मार्केण्डेय ऋषि द्वारा रचित इस पाठ में 13 अध्याय में 700 श्लोक है, जिसमें मां के विशाल चरित्र, शक्ति और वात्सल्य का वर्णन किया गया है। तीन भाग में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती नाम से ही तीन चरित्रों का वर्णन है। नियमों का पालन करते हुए, श्री दुर्गा सप्तशती पाठ करते हैं या किसी योग्य आचार्य से करवाते हैं, माँ अपने भक्तों के भीषण से भीषण संकट भी दूर कर देती है। श्री दुर्गा सप्तशती पाठ बहुत महत्वपूर्ण होते हैं और बहुत फलकारी होते हैं। नवरात्रि में इसका पाठ सभी मनोकामनाओं को पूरा करता है। स्वयं ब्रह्मदेव ने कहा है, कि जो मनुष्य दुर्गा सप्तशती का पाठ करेगा, वह परम सुख भोगेगा।

In India, Chunni and Chola play an important role in the life of every woman. Chunni is a symbol of modesty, virtue, probity and respect. It also symbolizes married women. Thus, Devotees offer Chunni and Chola to Maa Durga to pay honour and respect to the Supreme Feminine Power or the Shakti that runs the universe.


Offering a piece of Sari to the Maa Durga concludes Maa Durga Puja. It is said that offering Sari helps the attributeless form of the Maa Durga to manifest itself and then, Maa Durga can give blessings to her Devotees.


It also helps in the spiritual progress of an individual who is offering these offerings to Maa Durga. While offering Chola, Chunni and Sari to Maa Durga, the Devotees offer their prayers and seek blessings of Maa Durga to convert their 'Durgunas' ( Bad Habits) into 'Sadgunas' (Good Habits).

भारत में, चुन्नी और चोला हर महिला के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चुन्नी विनय, सदाचार, सत्यनिष्ठा और सम्मान का प्रतीक है। यह विवाहित महिलाओं का भी प्रतिनिधित्व करती है। भक्त सर्वोच्च स्त्री शक्ति या ब्रह्मांड को चलाने वाली शक्ति को सम्मान देने के लिए मां दुर्गा को चुन्नी और चोला की भेंट अर्पण करते है।


ऐसा कहा जाता है कि साड़ी भेंट अर्पण करने से मां दुर्गा के निरंकार रूप को आकार मिलता है और इसके पश्चात ही, मां दुर्गा अपने भक्तों को आशीर्वाद दे सकती हैं।


यह भेंट अर्पण करने वाले व्यक्ति की आध्यात्मिक प्रगति में भी मदद करती है । माँ दुर्गा को चोला, चुन्नी और साड़ी भेंट अर्पण करते समय, भक्त यह प्रार्थना करते हैं कि माँ दुर्गा उन्हें आशीर्वाद प्रदान करे एवं वह अपनी दुर्गुण (बुरी आदतों) को सद्गुण (अच्छी आदतों) में बदलने में सक्षम हो।

Bhog refers to a food item used during Durga Ashtami Puja, which serves dual purpose: the food is offered to Maa Durga as "Bhog" during the Puja and is then served to the devotees as "Prasad". Typically, the Bhog is Sattvic, and contains no onion and garlic.


There are 9 different types of Bhog offering to Maa Durga


It is often said that offering Cow Ghee as a bhog can bring good health and good fortune.


If an individual offers Sugar and Panchamrit to the Maa Durga, then the Goddess blesses the person with happiness and prosperity.


It is believed that offering kheer and other milk based delicacies as a bhog to Maa Durga can bring good wealth, financial stability and peace in the family.


Offering Malpua as Bhog to the Goddess strengthens one's intelligence and will power.


Offering a banana or food items that contain banana as an ingredient as Bhog to Maa Durga can give relief from chronic illnesses and help in professional growth.


If a Devotee offers honey and sweet betel leaves to Maa Durga, then the Devotee is believed to gain wisdom, knowledge and power of decision making.


Offering jaggery and other delicacies is believed to bring positive energy and protect the devotees from suffering.


Coconut is offered as Bhog to Maa Durga. It is widely believed that donating coconuts to the Brahmans on Ashtami, blesses a childless couple with a child.


Offering halwa poori and kheer as a combination to the Goddess is a great way to seek the blessings of Maa Durga.

भोग दुर्गा अष्टमी पूजा के दौरान उपयोग की जाने वाली एक खाद्य वस्तु को संदर्भित करता है, जो दोहरे उद्देश्य को पूरा करता है: भोजन को पूजा के दौरान "भोग" के रूप में माँ दुर्गा को चढ़ाया जाता है और फिर भक्तों को प्रसाद के रूप में परोसा जाता है। आमतौर पर, भोग सात्विक होता है, और इसमें प्याज और लहसुन नहीं होता है।


माँ दुर्गा को 9 तरह के भोग अर्पण किये जाते हैं:


अक्सर कहा जाता है कि गाय का घी भोग के रूप में चढ़ाने से अच्छा स्वास्थ्य और सौभाग्य प्राप्त होता है।


यदि कोई व्यक्ति माँ दुर्गा को चीनी और पंचामृत चढ़ाता है, तो माँ उस व्यक्ति को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती है।


ऐसा माना जाता है कि मां दुर्गा को भोग के रूप में खीर और अन्य दूध आधारित व्यंजन भेंट अर्पण करने से परिवार में अच्छी संपत्ति, वित्तीय स्थिरता और शांति आती है।


मां को भोग के रूप में मालपुआ चढ़ाने से बुद्धि और इच्छा शक्ति मजबूत होती है।


मां दुर्गा को भोग के रूप में केला या खाद्य पदार्थ जिसमें केला हो, पुरानी बीमारियों से राहत देता है और व्यवस्या के विकास में मदद करता है।


यदि कोई भक्त मां दुर्गा को शहद और मीठे पान के पत्ते चढ़ाता है, तो ऐसा माना जाता है कि भक्त को ज्ञान और निर्णय लेने की शक्ति प्राप्त होती है।


गुड़ और अन्य व्यंजनों को चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा आती है और भक्तों को दुख से बचने में मदद मिलती है।


नारियल को भोग के रूप में माँ दुर्गा को अर्पित किया जाता है। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि अष्टमी पर ब्राह्मणों को नारियल दान करने से निःसंतान दंपति को संतान की प्राप्ति होती है।


हलवा, पूरी और खीर को मां को अर्पित किया जाता है ।

Panch Meva is a combination of five dry fruits. Panch Meva is related to 5 elements in the universe, namely Water, Fire, Earth, Sky and Wind. Panch Meva Prasad mainly includes almonds, raisins, dry coconut, makhana, and dry dates. In addition to spiritual benefits, the Prasad has health benefits for the devotees.


Prasad will be delivered via courier to the home address that you will submit after the payment process. It will be delivered after the Puja will be conducted by chanting your Name and Gotra in Shakti Peeth.

पंच मेवा प्रसाद पाँच सूखे मेवों के मिश्रण से बना है। पंच मेवा प्रसाद, ब्रह्मांड के 5 तत्वों का प्रतिनिधित्व करता है, जल, अग्नि, पृथ्वी, आकाश और पवन। पंच मेवा प्रसाद में मुख्य रूप से बादाम, किशमिश, सूखा नारियल, मखाना और सूखी खजूर शामिल होती हैं। आध्यात्मिक लाभ के साथ, प्रसाद भक्तों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता हैं।


प्रसाद को आपके घर के पते पर संदेशवाहक(कूरियर) के माध्यम से भेजा जाएगा। शक्तिपीठ में आपके नाम और गोत्र का उच्चारण करके, पूजा के पश्चात्, प्रसाद आपके घर भेजा जायेगा।

In case, you don't know your Gotra, add your caste during the registration process for Puja. In case you don’t know that, add your full name during the registration process. These details would be chanted by Pandit ji during Puja. Feel free to contact us at +919015367944

यदि आपको अपना गोत्र पता नहीं है, पूजा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अपनी जाति लिखे। यदि ,आप यह भी नहीं जानते तो, पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अपना पूरा नाम लिखे। इन विवरणों का पंडित जी द्वारा पूजा के दौरान जाप किया जाएगा। आप हमसे यहाँ पर समपर्क +919015367944 कर सकते है।

DevDarshan has family packages available for Puja. Please contact us at +919015367944 via a call or WhatsApp for the family package.

देवदर्शन में पूजा के लिए पारिवारिक पैकेज उपलब्ध हैं। परिवार पैकेज के लिए कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से +919015367944 संपर्क कर सकते है।

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