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Kashi Pitra Tarpan Puja 

काशी पितृ तर्पण पूजा

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    Head of the Family's Name and Gotra with the Name and Gotra of Pitra or Ancestors will be chanted during the Puja Sankalp in Kashi

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    You can choose to offer Brahman Bhojan and Dakshina in Kashi on Amavasya

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    You can also choose to offer Vastra to Brahman in Kashi on Amavasya

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    काशी में पितृ तर्पण पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जाएगा।

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    काशी में पूजा संकल्प के समय, परिवार के मुखिया के साथ पितृ के नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा।

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    आप आषाढ़ अमावस्या पर काशी में में ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा भेंट अर्पण करने का भी चयन कर सकते हैं

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    आप अमावस्या पर काशी में ब्राह्मण को वस्त्र भेंट करने का भी चयन कर सकते हैं

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Kashi Pitra Tarpan Puja + Brahman Bhojan

काशी पितृ तर्पण पूजा + ब्राह्मण भोजन

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    Brahman Bhojan and Dakshina will be offered in your name in Kashi on Amavasya and the recorded video will be sent to you

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    काशी में पूजा संकल्प के समय, परिवार के मुखिया के साथ पितृ के नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा।

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    अमावस्या पर काशी में आपके नाम से ब्राह्मण को भोजन और दक्षिणा भेंट अर्पण की जाएगी और उसका वीडियो आपके साथ साझा किया जाएगा

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Kashi Pitra Tarpan Puja + Brahman Bhojan + Vastra

काशी पितृ तर्पण पूजा +

ब्राह्मण भोजन +

वस्त्र भेंट

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    Bhojan and Vastra will be offered to Brahman in your name in Kashi on Amavasya and the recorded video will be sent to you

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    You can also choose to offer Dakshina to Brahman in Kashi on Varanasi

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    काशी में पितृ तर्पण पूजा की रिकॉर्डेड वीडियो का लिंक आपको भेजा जाएगा

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    काशी में पूजा संकल्प के समय, परिवार के मुखिया के साथ पितृ के नाम और गोत्र का उच्चारण किया जाएगा

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    अमावस्या पर काशी में आपके नाम से ब्राह्मण को भोजन और वस्त्र भेंट अर्पण की जाएगी और उसका वीडियो आपके साथ साझा किया जाएगा

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    आप ब्राह्मण को दक्षिणा भी देने का विकल्प चयन कर सकते हैं

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Mon May 30 2022 04:30AM

Somvati Amavasya Pitru Dosh Nivaran Puja

सोमवती अमावस्या पितृ दोष निवारण पूजा गंगा आरती

Sat Apr 30 2022 05:00AM

Shani Amavasya Pitra Dosh Nivaran Puja and Ganga Aarti

शनि अमावस्या पितृ दोष निवारण पूजा और गंगा आरती

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Started by IIT graduates, DevDarshan is Devotional Platform for 5000+ Hindu Temples in the Indian Subcontinent. DevDarshan’s long term vision is to provide a digital platform to Temples and Gurus for sharing the millennia-old teachings of Indian culture in the world and by doing so, projecting Bharat (India) as Vishwa Guru (Universal Leader) through its rich cultural and spiritual heritage.


DevDarshan facilitates online Daily Darshan, Pujas and Digital Donations for Devotees. DevDarshan has onboarded 150+ Temples across 16 states including but not limited to Jyotirlinga Ghushmeshwar Nath Temple (Pratapgarh), Jyotirlinga Mamleshwar (Omkareshwar), Kaal Bhairav Mandir (Ujjain), Chintaman Ganesh Mandir (Ujjain), Tapkeshwar Mandir (Dehradun), Pashupati Nath Mandir (Haridwar), Shaktipeeth Chamunda Devi (Kangra), Shaktipeeth Maa Bajreshwari Devi (Kangra), Shaktipeeth Maa Baglamukhi Mandir (Kangra), Shaktipeeth Maa Vindyavasini Mandir (Mirzapur), Shaktipeeth Maa Harsiddhi Mandir (Ujjain), Shaktipeeth Maa Gadkalika Mandir (Ujjain), Bijasan Mata Mandir (Indore), Kalkaji Mandir (Delhi), Durgiana Mandir (Amritsar), Maa Mundeshwari Temple (Bihar), Vrindavan Chandrodaya Temple, Badi Kali ji Mandir (Lucknow), Nagvasuki Mandir (Prayagraj), ISKCON (Vrindavan), ISKCON (Ghaziabad), ISKCON (Srinagar).


You can find more details about DevDarshan and our team.

IIT स्नातकों द्वारा आरम्भ किया गया,देवदर्शन, भारत के 5000+ हिंदू मंदिरों के लिए आध्यतमिक मंच है। देवदर्शन का दृष्टिकोण हिंदू मंदिरों और गुरुओं को एक डिजिटल मंच प्रदान करना जहाँ वे भारत की आध्यात्मिक शिक्षा एवं हिंदू जीवन शैली का प्रसार कर सके और पूरे विश्व को विश्वगुरु भारत की महान संस्कृति व विरासत का ज्ञान दे सके। देवदर्शन पर मंदिर दर्शन, पूजा बुकिंग और डिजिटल दान की सुविधा उपलब्ध है।


देवदर्शन मंच के साथ 16 राज्यों में स्थित 150+ मंदिर जुड़े हुए है: ज्योतिर्लिंग घुश्मेश्वर नाथ (प्रतापगढ़), पशुपति महादेव मंदिर (हरिद्वार), ज्योतिर्लिंग ममलेश्वर (ओंकारेश्वर), काल भैरव मंदिर (उज्जैन), चिंतामन गणेश मंदिर (उज्जैन), टपकेश्वर मंदिर (देहरादून), जगन्नाथ पूरी, शक्तिपीठ चामुंडा देवी (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां बजरेश्वरी देवी (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां बगलामुखी मंदिर (कांगड़ा), शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर (मिर्ज़ापुर) , शक्तिपीठ मां हरसिद्धि मंदिर (उज्जैन), शक्तिपीठ मां गडकलिका मंदिर (उज्जैन), बिजासन माता मंदिर (इंदौर), कालकाजी मंदिर (दिल्ली), माँ मुंडेश्वरी मंदिर (बिहार), वृंदावन चंद्रोदय मंदिर, बडी काली जी मंदिर (लखनऊ), नागवासुकी मंदिर (प्रयागराज) आदिदेवदर्शन और हमारी टीम के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।आप।

Live Streaming or the recorded video of Pitra Dosh Nivaran Puja will be available on Amavasya.


Live Streaming or the recorded video of Pitra Dosh Nivaran Puja will be available on DevDarshan App , which you can download on your Android Smartphone. Live Streaming will also be available on DevDarshan YouTube Channel and DevDarshan Facebook page. More details will be shared with you via WhatsApp and email once you register for the Puja.


Your Name and Gotra with the names of Pitra will be chanted during the Puja in Kashi so that the souls of your ancestors can attain peace and you can receive their blessings.

श्रद्धालु काशी में गंगा घाट में पितृ दोष निवारण पूजा, गंगा आरती की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकॉर्डेड वीडियो देख सकते हैं।


पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकार्डेड वीडियो देवदर्शन ऐप में उपलब्ध होगी, जिसे आप इस लिंक के माध्यम से अपने एंड्रॉयड स्मार्टफ़ोन पर डाउनलोड कर सकते हैं।


पूजा की लाइव स्ट्रीमिंग अथवा रिकॉर्डेड वीडियो देवदर्शन यूट्यूब चैनल और देवदर्शन फेसबुक पेज पर भी उपलब्ध होगी। पूजा के लिए पंजीकरण करने के पश्चात, और अधिक जानकारी व्हाट्सएप और ईमेल के माध्यम से आपके साथ साझा की जाएगी।


आपका नाम और गोत्र एवं आपके पितरो का नाम एवं गोत्र पूजा में संकल्प के दौरान लिया जाएगा ताकि आपके पूर्वजों की आत्मा को शांति मिले और आप उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

Amavasya holds special significance in Hinduism. Amavasya Tithi is considered as the most auspicious date for Pitra Dosha Nivaran Puja, On such an auspicious occasion, Pitra Dosha Nivaran Puja becomes even more fruitful. According to popular belief, participating in Pitra Dosha Nivaran or Shraddh Puja on the banks of the holy river Ganges on Amavasya satiates Ancestors' Souls.


Pitra Dosha Nivaran Puja is performed for one of the following elaborate reasons:


Performing the rites during Pitra Dosha Nivaran Puja helps the Pitras who have gained the Pitru Loka attain momentum for their further journey.


It is believed that some ancestors do not gain momentum due to their unfulfilled desires. Thus, they're trapped in the inferior region of heaven instead of moving to the superior regions. Participating in a Pitra Dosh Nivaran Puja satisfies these desires and wishes, hence providing momentum to their onward journey.


Some Pitra wander on the earth casually and then enter into the ghost spaces after their death due to their evil deeds and Bad Karmas. Therefore, it's important to perform the Shraddh rites to relieve them from those spaces.

अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। अमावस्या को सबसे पवित्र माना गया है। अमावस्या तिथि पितृों की पूजा तर्पण के लिए सबसे शुद्ध मानी गई है, ऐसे में अमावस्या पर पितृों की पूजा और अधिक फलदायी हो जाती है।


अमावस्या पर पितृ दोष निवारण पूजा निम्नलिखित कारणों के लिए किया जाता है:


श्राद्ध का अनुष्ठान करने से पितृ लोक प्राप्त करने वाले पितरों को अपनी आगे की यात्रा के लिए गति प्राप्त करने में मदद मिलती है।


ऐसा माना जाता है कि कुछ पूर्वजों की आत्मा अधूरी इच्छाओं के कारण स्वर्ग के निम्न क्षेत्र में भटकती रहती है। इस प्रकार, वे उच्च क्षेत्रों में जाने के बजाय स्वर्ग के निम्न क्षेत्र में फंसे रहते हैं। श्राद्ध पूजा में भाग लेने से इन इच्छाओं को तृप्त किया जाता है, जिससे उनकी आगे की यात्रा को गति मिलती है।


कुछ पितृ अपने बुरे कर्मों के कारण, आकस्मिक रूप से पृथ्वी पर घूमते हैं और मृत्यु के पश्चात प्रेत स्थानों में प्रवेश करते हैं। इसलिए, उन्हें उन स्थानों से मुक्त करने के लिए पितृ दोष निवारण पूजा करना महत्वपूर्ण है।

Amavasya holds special significance in Hinduism. On this day Devotees perform Shradh or Tarpan in memory of their ancestors who have been a part of their family but are no more in this world. Performing the puja on the day of Amavasya gives peace to the souls of the ancestors and they bless their family members with happiness, peace and prosperity. It is believed that the ancestors expect Puja or Tarpan from their family members after their death. It is practically impossible to remember the death anniversaries of all the ancestors, therefore the Amavasya Tithi is considered as a special and auspicious day to perform Puja for the peace of all the ancestors. Devotees often perform Til Tarpan and Pind Daan Puja on the banks of the holy river Ganges in memory of their ancestors. This Puja also helps in Nivaran of Pitra Dosha.

अमावस्या की तिथि पर पितृों का अधिकार है, इसलिए इस दिन उन लोगों का श्राद्ध या उनकी याद में तर्पण किया जाता है, जो परिवार के सदस्य रहे हैं और अब इस दुनिया में नहीं है। कहते हैं इस दिन की गई पूजा से पितृों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। ऐसा माना जाता है कि मृत्यु के बाद पितृ भी अपने परिवार से उनके लिए पूजा और तर्पण की आस रखते हैं। सभी पितृों की मृत्यु की तिथि याद रख पाना असंभव है, इसलिए अमावस्या पर सर्व पितृ की शांति और तर्पण का विधान है। अमावस्या तिथि पर गंगा किनारे पितृों का तिल तर्पण और पिंड दान पूजा से पितृ दोष में भी शांति दिलाती है।

First, a 'Sankalp' is performed by chanting the name and gotra of the main head of the family (preferably male). Then, a Sankalp will be performed by chanting the names of the 12 dead ancestors of the family. In case you don’t remember all of your ancestors’ names, Pandit ji will chant a holy name instead of their names.


Ganesh Pujan and Vishnu Pujan will take place in respectively.


A ritual will be performed in which six earthen pots (Kalash) representing six Gods (Brahma, Vishnu, Shiva, Yamraj, Pret and reincarnation of Lord Vishnu) will be worshipped.


This is followed by the performance of 5 types of "Tarpan." Tarpan is performed by taking some Puja Samagri in the palm and then pouring them into a brass plate during which Mantras will be chanted by Pandit ji.


The first one is "Dev Tarpan"in which rice and water will be offered to the Lord. Then "Rishi Tarpan" is done in which barley(oats) and water will be offered to our dead sages. The third one is "Manushya Tarpan" in which barley(oats) and water will be offered to human beings. Then comes the "Yam Tarpan" in which sesame seeds and water will be offered to Yamraj. The final one is "Pitra Tarpan" in which sesame seeds, water, milk, ghee and honey will be offered to our dead ancestors.


This will be followed by the ritual of Pind Daan. There are 16 types of Pind in which 15 of them represent the Gods and the one represents our dead ancestors. The 'Pinds' are prepared from rice flour and Puja will be performed in front of them.


The final ritual is that of donation in which people donate food and clothes to Brahmans in the names of their dead ancestors.


Make sure you chant one of these two mantras while participating in Pitra Dosh Nivaran Puja and Shraddh in Ganga Ghat to pacify the souls of the departed ones


"Om Devatabhyah Pitrabhyah Mahayogibhyeh cha,

Namah swaha swadhyaye cha nityamev namah"


“Om Shreem Sarva Pitra Dosha Nivarana Klesham Han Han Sukh Shanti Om Dehi Phat Swaha”

सबसे पहले, परिवार के मुखिया (अधिमानतः पुरुष) के नाम और गोत्र का उच्चारण करके संकल्प किया जायेगा। फिर परिवार के 12 पितरों के नाम का उच्चारण करके संकल्प किया जाएगा। यदि आपको अपने सभी पूर्वजों के नाम याद नहीं हैं, तो पंडित जी उनके नामों की जगह एक पवित्र नाम का जाप करेंगे।


संकल्प के पश्चात क्रमश: गणेश पूजन और विष्णु पूजन होगा।


एक अनुष्ठान किया जाएगा जिसमें छह देवताओं (ब्रह्मा, विष्णु, शिव, यमराज, प्रेत और भगवान विष्णु के अवतार) का प्रतिनिधित्व करने वाले छह कलश की पूजा की जाएगी।


इसके बाद 5 प्रकार के तर्पण होंगे। हथेली में पूजा सामग्री लेकर और फिर उन्हें पीतल की थाली में डालकर तर्पण किया जायेगा, जिसके दौरान पंडित जी द्वारा मंत्रों का जाप किया जाएगा।


सबसे पहले, देव तर्पण होगा जिसमें भगवान को चावल और पानी की भेंट अर्पण की जाएगी। फिर ऋषि तर्पण किया जायेगा जिसमें हमारे मृत ऋषियों को जौ और जल की भेंट अर्पण की जाएगी। इसके पश्चात, मनुष्य तर्पण होगा जिसमें मनुष्य को जौ और जल की भेंट अर्पण की जाएगी। फिर यम तर्पण होगा जिसमें यमराज को तिल और जल की भेंट अर्पण की जाएगी। अंतिम पितृ तर्पण होगा जिसमें हमारे मृत पूर्वजों को तिल, पानी, दूध, घी और शहद की भेंट अर्पण की जाएगी।


इसके पश्चात, पिंडदान का अनुष्ठान होगा। 16 प्रकार के पिंड होंगे जिनमें से 15 देवताओं का प्रतिनिधित्व करेंगे और एक हमारे मृत पूर्वजों का प्रतिनिधित्वकरेगा। पिंड चावल के आटे से तैयार किए जाते हैं और उनके समक्ष पूजा की जाएगी।


अंतिम अनुष्ठान दान का होगा जिसमें लोग अपने मृत पूर्वजों के नाम पर ब्राह्मणों को भोजन और दक्षिणा दान कर सकेंगे।


पितृ दोष निवारण पूजा में भाग लेते समय इन दो मंत्रों का जाप अवश्य करें ताकि दिवंगत लोगों की आत्मा को शांति मिल सके।


ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।

नमः स्वाहायै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।।


ऊँ श्री सर्व पितृ दोष निवारणाय कलेशम् हं हं सुख शांतिम् देहि फट स्वाहा: |

Brahman Bhojan is a ritual performed for the departed souls of ancestors. Brahman bhoj is done to satisfy the desires of the souls of our ancestors and let them rest in peace. Brahman Bhoj rituals help cleanse all the sins of our forefathers and help their souls to attain moksha. Also, the one who performs this ritual is said to earn good karma and is liberated from bad Karmas of past and present life.

ब्राह्मण भोज पूर्वजों की दिवंगत आत्माओं के लिए किया जाने वाला अनुष्ठान है। ब्राह्मण भोज हमारे पूर्वजों की आत्माओं की अधूरी इच्छाओं को पूरा करने के लिए किया जाता है। ब्राह्मण भोज हमारे पूर्वजों को उनके पापों से मुक्त करने के लिए किया जाता है और उनकी आत्माओं को मोक्ष प्राप्त करने में मदद करता हैं। साथ ही, जो ये अनुष्ठान करवाता है, उसको पुण्य प्राप्त होता है और अतीत और वर्तमान जीवन के बुरे कर्मों से मुक्ति मिलती है।

In case, you don't know your Gotra, add your caste during the registration process for Puja. In case you don’t know that, add your full name during the registration process. These details would be chanted by Pandit ji during Puja. Feel free to contact us at +919015367944

यदि आपको अपना गोत्र पता नहीं है, पूजा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अपनी जाति लिखे। यदि ,आप यह भी नहीं जानते तो, पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान अपना पूरा नाम लिखे। इन विवरणों का पंडित जी द्वारा पूजा के दौरान जाप किया जाएगा। आप हमसे यहाँ पर समपर्क +919015367944 कर सकते है।

DevDarshan has family packages available for Puja. Please contact us at +919015367944 via a call or WhatsApp for the family package.

देवदर्शन में पूजा के लिए पारिवारिक पैकेज उपलब्ध हैं। परिवार पैकेज के लिए कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से +919015367944 संपर्क कर सकते है।

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